इंदौर में अंडरग्राउंड Metro निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार, 22 सितंबर को शहर में पहली बार टनल बोरिंग मशीन यानी TBM ने जमीन के नीचे सुरंग की खुदाई शुरू की। एयरपोर्ट स्टेशन के पास से TBM ‘नर्मदा’ को चालू किया गया है। यह मशीन एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग तैयार करेगी। इस हिस्से में चार भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित हैं। सुरंग का निर्माण अलग-अलग स्थानों पर करीब 9 से 28 मीटर की गहराई में किया जाएगा। शुरुआती हिस्से में मशीन करीब 20 मीटर नीचे काम कर रही है।
पहली बार जमीन के नीचे शुरू हुआ Metro का काम
इंदौर में अब तक Metro का 17.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार हो चुका है। इसके बाद परियोजना के भूमिगत हिस्से का काम शुरू हुआ है। एयरपोर्ट स्टेशन के पास बनाए गए शाफ्ट के जरिए TBM ‘नर्मदा’ को जमीन के करीब 18 मीटर नीचे उतारा गया था। मशीन को अलग-अलग हिस्सों में लाकर साइट पर जोड़ा गया और इसके विद्युत, यांत्रिक और हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच पूरी करने के बाद 22 सितंबर को खुदाई शुरू की गई।
एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक बनेगी 3.5 किलोमीटर सुरंग
TBM ‘नर्मदा’ एयरपोर्ट स्टेशन से आगे बढ़ते हुए बड़ा गणपति क्षेत्र तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाएगी। इस भूमिगत हिस्से में चार स्टेशन बनाए जाने हैं। भूमिगत मार्ग को शहर के घनी आबादी वाले हिस्सों से निकालने के कारण निर्माण के दौरान जमीन और आसपास की इमारतों की लगातार निगरानी की जाएगी।
102 मीटर लंबी है TBM ‘नर्मदा’
‘नर्मदा’ की कुल लंबाई करीब 102 मीटर है और इसके कटिंग व्हील का व्यास 6.65 मीटर है। पहले चरण में मशीन को नियंत्रित गति से चलाया जा रहा है, ताकि जमीन के अंदर मौजूद मिट्टी और चट्टानों की स्थिति को समझा जा सके। परियोजना की शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार TBM का वजन करीब 410 मीट्रिक टन है।
थाईलैंड में हुआ था मशीन का परीक्षण
TBM ‘नर्मदा’ ने 25 अप्रैल 2026 को थाईलैंड में फैक्ट्री स्वीकृति परीक्षण पूरा किया था। इसके बाद मशीन को इंदौर लाकर साइट पर असेंबल किया गया। मशीन निर्माता के अनुसार इंदौर के भूमिगत हिस्से के लिए चार लगभग 6.61 मीटर व्यास वाली अर्थ प्रेशर बैलेंस TBM तैयार की गई हैं। इनमें से शुरुआती मशीनों का परीक्षण थाईलैंड स्थित संयंत्र में किया गया था।
अर्थ प्रेशर बैलेंस तकनीक से होगी खुदाई
‘नर्मदा’ अर्थ प्रेशर बैलेंस यानी EPB मिक्स शील्ड तकनीक पर आधारित है। मशीन जमीन को काटते हुए आगे बढ़ेगी और खुदाई के तुरंत बाद प्रीकास्ट कंक्रीट रिंग लगाई जाएंगी। इससे सुरंग की दीवार को मजबूती मिलेगी और जमीन के धंसने का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी। मशीन में गैस निगरानी प्रणाली और आपातकालीन स्थिति में तुरंत रोकने की व्यवस्था भी मौजूद है।
खुदाई के साथ बाहर निकलेगा मलबा
TBM के आगे लगे गोलाकार कटिंग व्हील से मिट्टी और चट्टान काटी जाएगी। शुरुआती चरण में निकलने वाली मिट्टी को कन्वेयर के जरिए बाहर लाया जाएगा। मशीन के करीब 20 मीटर अंदर जाने के बाद लोकोमोटिव और ट्रॉलियों की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। एक रिपोर्ट के अनुसार प्रत्येक करीब 1.4 मीटर खुदाई में लगभग 48.6 घनमीटर मिट्टी निकल सकती है। आगे चलकर अस्थायी पटरियों के जरिए ट्रॉलियों को सुरंग के अंदर चलाकर मलबा बाहर लाया जाएगा।
शुरुआत में धीमी रहेगी TBM की रफ्तार
भूमिगत खुदाई की शुरुआत में TBM को धीमी गति से चलाया जा रहा है। शुरुआती चरण में करीब 1 से 2 मीटर प्रतिदिन या इससे कम गति रखे जाने की जानकारी सामने आई है। जमीन की वास्तविक स्थिति और मशीन के प्रदर्शन का आकलन होने के बाद खुदाई की रफ्तार बढ़ाई जा सकती है। पूरे काम को लगातार चलाने के लिए अलग-अलग पालियों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
आसपास की इमारतों पर सेंसर से नजर
भूमिगत खुदाई का काम आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने के कारण सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। आसपास के मकानों और जमीन में सेंसर लगाए गए हैं, जो खुदाई के दौरान होने वाले कंपन और अन्य छोटे बदलावों को दर्ज करेंगे। TBM में गैस निगरानी प्रणाली, आपातकालीन रोक व्यवस्था और 24 घंटे नियंत्रण कक्ष से निगरानी जैसी सुविधाएं भी रखी गई हैं। अधिकारियों ने निर्माण के दौरान सुरक्षा, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
पहली सुरंग के बाद बनेगी समानांतर दूसरी सुरंग
एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच बनने वाली पहली सुरंग के साथ ही समानांतर दूसरी सुरंग भी तैयार की जाएगी। परियोजना के भूमिगत हिस्से के लिए कुल चार TBM का इस्तेमाल किया जाना है। दूसरी TBM ‘क्षिप्रा’ को भी परियोजना के अगले चरण में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह दोनों दिशाओं में सुरंग निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा।
इंदौर के Metro नेटवर्क में जुड़ेगा नया भूमिगत हिस्सा
17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अंडरग्राउंड Metro का यह हिस्सा इंदौर के परिवहन नेटवर्क को नया विस्तार देगा। एयरपोर्ट से बड़ा गणपति तक बनने वाली सुरंग और इसके चार भूमिगत स्टेशन पूरे होने के बाद Metro का यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को आपस में जोड़ने में भूमिका निभाएगा। फिलहाल TBM ‘नर्मदा’ के जरिए सुरंग निर्माण की शुरुआत हो चुकी है और आगे मशीन के साथ-साथ सुरंग की संरचना तैयार करने का काम भी जारी रहेगा।
