इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक में वंदे मातरम बोलने से इनकार करने वाली Congress की दोनों मुस्लिम महिला पार्षदों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन दोनों पार्षदों ने परिषद की बैठक में वंदे मातरम बोलने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही वंदे मातरम को अपने धर्म के खिलाफ बताया था।
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इस मामले में नगर निगम की ओर से पुलिस थाने पर शिकायत की गई थी। इस शिकायत की पुलिस के द्वारा जांच की जा रही थी। पुलिस ने निगम परिषद की बैठक के वीडियो फुटेज हासिल कर लिए थे। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को महिला पार्षद फोजिया अलीम व रुबीना खान के बयान दर्ज किए गए थे। जब इस मामले में दोनों महिला पार्षद उलझ गई तो उनके द्वारा पुलिस को बयान दर्ज करने के दौरान माफी मांगी गई और उसे समय के गुस्से के रूप में अपनी कही गई बातों को परिवर्तित करने की कोशिश भी की गई।
इस मामले की जांच पूरी करते हुए पुलिस के द्वारा आज धारा 196 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस धारा के प्रावधान में कहा गया है कि धर्म, जाति, जन्मस्थान, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक कार्य करना। जो कोई भी बोले गए या लिखे गए शब्दों द्वारा, या संकेतों द्वारा, या दृश्य प्रस्तुतियों द्वारा, या इलेक्ट्रॉनिक संचार द्वारा, या अन्यथा, धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास स्थान, भाषा, जाति या समुदाय या किसी अन्य आधार पर, विभिन्न धार्मिक, नस्लीय, भाषाई या क्षेत्रीय समूहों या जातियों या समुदायों के बीच असामंजस्य या शत्रुता, घृणा या दुर्भावना की भावनाओं को बढ़ावा देता है या बढ़ावा देने का प्रयास करता है। इस धारा में 3 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
ध्यान रहे कि जिस दिन से यह विवाद हुआ था उसी दिन से वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बयान बाजी शुरू हो गई थी। भाजपा के द्वारा अलग-अलग स्थान पर कार्यक्रम का आयोजन कर वंदे मातरम का गान किया गया। Congress ने पहले दिन ही इस विवाद से अपने आप को अलग कर लिया था। इस समय पर कांग्रेस की ओर से यह कह दिया गया था की दोनों पार्षदों का कथन गलत है और पार्टी उनके साथ नहीं है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के द्वारा लिए गए इस स्टैंड के कारण इस मामले में Congress की भद पीटने से बच गई। इन दोनों पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव भी शहर कांग्रेस के द्वारा प्रदेश कांग्रेस के पास भेजा गया है। प्रदेश Congress के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि इस प्रस्ताव पर अनुशासन समिति विचार कर रही है। इन दोनों पार्षदों पर कार्रवाई करने में Congress संगठन के द्वारा की जा रही देरी पर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने आपत्ति ली है। उनका कहना है कि ऐसे मामले में कार्रवाई त्वरित होना चाहिए।
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