By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: Eid-ul-Fitr को “Meethi Eid” क्यों कहा जाता है?
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
IMG 20260320 WA0009 - The Fourth
India

Eid-ul-Fitr को “Meethi Eid” क्यों कहा जाता है?

रोज़ा के बाद मिठास भरी शुरुआत

Last updated: मार्च 20, 2026 2:14 अपराह्न
By Divisha 3 महीना पहले
Share
5 Min Read
SHARE

रमज़ान के महीने के समापन के साथ मनाया जाने वाला Eid-ul-Fitr भारत सहित पूरी दुनिया में बेहद उत्साह और आस्था के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को आम बोलचाल में “Meethi Eid” कहा जाता है, और इसके पीछे सिर्फ नाम भर नहीं बल्कि एक गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा छिपी है। यह नाम इस पर्व की आत्मा को दर्शाता है, जिसमें इबादत, कृतज्ञता और मिठास का विशेष महत्व होता है।

Meethi Eid नाम के पीछे की असली वजह

Eid-ul-Fitr को “Meethi Eid” कहने की सबसे बड़ी वजह इस दिन की शुरुआत और इसके पूरे उत्सव में मिठाइयों का विशेष स्थान है। इस्लामी परंपरा के अनुसार, रमज़ान के पूरे महीने रोज़ा रखने के बाद Eid के दिन रोज़ा नहीं रखा जाता। बल्कि सुबह की नमाज़ से पहले कुछ मीठा खाकर दिन की शुरुआत करना सुन्नत माना जाता है।

अक्सर लोग खजूर खाकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं। इसके बाद घरों में तरह-तरह की मिठाइयाँ तैयार की जाती हैं, जो इस त्योहार की पहचान बन चुकी हैं। यही कारण है कि Eid-ul-Fitr को “मीठी ईद” कहा जाता है।

मीठे व्यंजनों की परंपरा और सांस्कृतिक महत्व

Meethi Eid की बात हो और सेवइयों का ज़िक्र न हो, ऐसा संभव ही नहीं है। भारत में इस दिन सबसे ज्यादा बनने वाला व्यंजन सेवइयाँ और शीर खुरमा होता है। शीर खुरमा दूध, सूखे मेवे और सेवइयों से तैयार किया जाता है और इसे बेहद खास माना जाता है। यह सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि रिश्तों की मिठास का प्रतीक है। घरों में आने वाले मेहमानों का स्वागत इन्हीं मीठे पकवानों से किया जाता है।

मिठाइयों का आदान-प्रदान

इस दिन लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिठाइयाँ बांटते हैं। यह परंपरा सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करती है। खास बात यह है कि यह त्योहार केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हर धर्म के लोग इसमें शामिल होकर खुशियाँ साझा करते हैं।

रमज़ान के बाद जश्न:

रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना केवल भूखा-प्यासा रहना नहीं होता, बल्कि यह आत्मसंयम, धैर्य और आध्यात्मिक शुद्धता का अभ्यास होता है। एक महीने की इस कठिन साधना के बाद Eid का त्योहार एक इनाम की तरह आता है।

इसलिए Eid-ul-Fitr को “Meethi Eid” कहना इस बात का भी प्रतीक है कि अब कठिनाई के बाद जीवन में मिठास और खुशियाँ लौट आई हैं।

जकात और फितरा का महत्व

Eid-ul-Fitr से पहले मुसलमानों के लिए “फितरा” देना अनिवार्य माना जाता है। यह एक प्रकार की दान राशि होती है, जो जरूरतमंदों को दी जाती है ताकि वे भी Eid की खुशियों में शामिल हो सकें। इस परंपरा के पीछे भी “मिठास” का ही भाव छिपा है—सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियाँ घोलना। यही कारण है कि Meethi Eid सामाजिक समानता और सहयोग का संदेश भी देती है।

अन्य Eid से अलग पहचान

Eid-ul-Fitr को Meethi Eid कहा जाता है, जबकि Eid al-Adha को आमतौर पर “बकरीद” के नाम से जाना जाता है। इन दोनों त्योहारों के स्वरूप में स्पष्ट अंतर है। जहाँ Meethi Eid में मिठाइयों और खुशियों का महत्व होता है, वहीं बकरीद में कुर्बानी और त्याग की भावना प्रमुख होती है। यही अंतर Eid-ul-Fitr को “मीठी” पहचान देता है।

भारत में Meethi Eid का खास रंग

भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में Meethi Eid का उत्सव और भी खास हो जाता है। अलग-अलग राज्यों में इसे अलग अंदाज में मनाया जाता है, लेकिन मिठाइयों का महत्व हर जगह समान रहता है। दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद और भोपाल जैसे शहरों में Eid के मौके पर बाज़ारों में रौनक देखते ही बनती है। नए कपड़े, इत्र, चूड़ियाँ और खासकर मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती है।

You Might Also Like

Brown में दिखा करिश्मा कपूर का सबसे अलग अवतार

World Environment Day 2026 क्यों पूरी दुनिया के लिए अहम है

Indore में मासूम की माैत, परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया

Indore में पानी चारी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे

मध्यप्रदेश में मंदिरों के लिए ‘Temple-Bond’

TAGGED: Eid, Eid ul fitr, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

download 4 - The Fourth
India

उत्तरकाशी के सहस्त्रताल ट्रैकिंग रुट पर 22 ट्रैकर्स फंसे

2 वर्ष पहले

भारत में बनी विश्व की सबसे बड़ी ऑफिस बिल्डिंग

जितिया व्रत पर नहाने गई 5 लड़कियों की मौत, सेल्फ़ी बनी मौत का कारण।

आज आखिरी तारीख, अगर एक्सचेंज नहीं करवाए तो 1 अक्टूबर से 2000 रुपये के नोट बंद

अब Messi का करिश्मा होगा भारतीय मैदान पर!

You Might Also Like

uttarakhand-me-fir-khila-valley-of-flowers-ka-saundarya
Fourth Special

उत्तराखंड में फिर खिला Valley of Flowers का सौंदर्य

2 दिन पहले
IIT-baba-adikarta-narayan-shoshan-ke-case-me-giraftar
National

IIT बाबा आदिकर्ता नारायण शोषण केस में गिरफ्तार

2 दिन पहले
IMG 20260601 WA0004 - The Fourth
India

केदारनाथ मंदिर के दान के पैसों से VIP की खातिरदारी, हंगामा

4 दिन पहले
Harmanpreet-kaur-ne-kaise-tay-kiya-Padma-Shri-tak-ka-safar
National

हरमनप्रीत कौर ने कैसे तय किया Padma Shri तक का सफर

2 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?