Indore। भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की मीटिंग में अधिकारियों के असहयोग को लेकर दहाड़ने वाले विधायक कल मुख्यमंत्री के सामने चुप हो गए। एक भी विधायक के मुंह से एक भी शब्द एक भी बार नहीं निकला।
मुख्यमंत्री की यात्रा के 3 दिन पहले भाजपा कार्यालय पर कोर ग्रुप की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भाजपा के विधायकों ने अलग-अलग घटनाओं को सुनाते हुए यह शिकायत जाहिर की थी कि अधिकारी उनकी नहीं सुनते हैं। उनके द्वारा कहे जाने पर अधिकारी काम भी नहीं करते हैं। पुरानी शिकायत की अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं इस बार भी कायम रही थी। इन सारे मुद्दों को लेकर जब हर भाजपा विधायक के पास शिकायत थी तो फिर इस बैठक में यह तय हुआ था कि रविवार को जब मुख्यमंत्री इंदौर में कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आएंगे तो उनके सामने विस्तार के साथ इस मुद्दे को रखा जाएगा। संगठन इस मामले की पहल करेगा और गंभीरता के साथ इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
इस फैसले के बाद कल जब मुख्यमंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए Indore आए तो भाजपा के नगर अध्यक्ष से लेकर सारे विधायक एक के बाद एक सारे कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री के साथ घूमते रहे। किसी भी विधायक ने इस मामले का जिक्र भी मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं किया। संगठन की ओर से तो किसी के कुछ कहने का प्रश्न ही नहीं उठता है। इस तरह अधिकारियों के खिलाफ मुखरित होने वाले स्वर उभरने से पहले ही समाप्त हो गए।
अध्यक्ष की हो गई जोरदार हुटिंग
दशहरा मैदान पर Indore नगर निगम के द्वारा के भूमि पूजन समारोह में भाषण देने के लिए जब भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा आए तो उन्होंने अपने भाषण में मुख्यमंत्री की चापलूसी करने की जोरदार कोशिश की। उनके द्वारा जिस तरह से यह प्रयास किया गया वह सभी के लिए हंसी का कारण बन गया। यहां तक की मुख्यमंत्री खुद भी उनके लच्छेदार बातों को सुनकर हंसते रहे।
सब कुछ रहा लगभग
इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट जब भाषण देने के लिए आए तो उनके पास में विभाग से संबंधित भी कोई भी आंकड़ा नहीं था। ऐसे में उनके द्वारा लगभग शब्द कहते हुए आंकड़े सामने रखे गए। अपने कुछ मिनट के भाषण में सिलावट ने 13 बार लगभग बोला।
