Indore नगर निगम के द्वारा नर्मदा का पानी Indore तक लाने के लिए 40 मेगावाट का एक और सोलर प्लांट लगाने की पहल की गई है। इसके लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने परीक्षण करने और प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम के द्वारा जलुद में नर्मदा के पानी को पंपिंग करने के लिए 60 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया गया है। यह प्लांट तैयार होने के बाद पिछले 57 दिन से बिजली का उत्पादन कर रहा है। इस प्लांट के माध्यम से नगर निगम को हर महीने 4.5 से लेकर 5 करोड रुपए कीमत की बिजली तैयार होना शुरू हो गई है। हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा इस प्लांट का लोकार्पण किया गया है। इस लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री के द्वारा Indore नगर निगम की इस पहल की जमकर सहाना की गई और उसे भविष्य की दृष्टि से किया गया बेहतर कार्य बताया गया है।
इस लोकार्पण समारोह के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि जलुद में ही 40 मेगावाट क्षमता का एक और प्लांट बनाने की दिशा में पहल करें। इस बात का परीक्षण कराया जाए कि यहां पर अब दूसरा प्लांट सौर ऊर्जा का बनाया जाए या फिर विंड एनर्जी का बनाया जाएं। इस प्लांट को बनाने में कितनी जमीन लगेगी और उस जमीन की व्यवस्था किस तरह से हो सकती है। प्रारंभिक रूप से महापौर के द्वारा नया प्लांट लगाने के लिए परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। ध्यान रहे कि पूरे देश में Indore नगर निगम पहला ऐसा नगर निगम है जिसके द्वारा ग्रीन बांड जारी कर पैसा हासिल करने के बाद पानी की व्यवस्था के लिए बिजली के उत्पादन का प्लांट लगाया गया है। अपनी इस उपलब्धि को अगले पायदान पर पहुंचने के लिए निगम की ओर से अब एक और नया प्लांट लगाने की पहल शुरू की गई है।
आसान नहीं है सफर
एक और नया प्लांट लगाने का सफर कोई आसान काम नहीं है। इसके लिए एक तरफ जहां जमीन हासिल करने की चुनौती रहेगी तो वहीं दूसरी तरफ प्लांट के निर्माण में होने वाले खर्च की राशि को जुटाने की भी चुनौती रहेगी। इन दोनों चुनौतियों के बीच में काम करते हुए नए प्लांट पर विचार करना एक बड़ा कदम रहेगा।
