भोपाल। Madhya Pradesh में अफसरों की इतनी कमी हो गई है कि कई योजनाएं मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहीं। फिलहाल, 150 अफसरों की कमी है। किसी को चुनावी ड्यूटी में भेज दिया है, तो किसी को केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट में जिम्मेदारी दे दी गई।
50 केंद्र में, 36 चुनावी ड्यूटी में
आंकड़े बता रहे हैं कि म.प्र. कैडर में 459 अधिकारी होना चाहिए, जबकि 391 ही हैं। 68 अधिकारी तो पहले से कम हैं। जो हैं, उनमें से 50 को केंद्र सरकार ने काम पर लगा लिया है। 38 अधिकारियों को चुनावी राज्यों में भेज दिया है। असम, केरल, पुड्डुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म होने के बाद ही लौटेंगे। जो अधिकारी हैं, उन पर काम का भारी बोझ है।
यूपी में 81 अफसर कम
अधिकारियों की कमी के मामले में म.प्र. अकेला नहीं है। यूपी में 652 होना चाहिए, 571 ही हैं। 81 कम हैं। महाराष्ट्र में 435 होना चाहिए, 359 ही हैं। 76 कम हैं। पश्चिम बंगाल में 378 की जगह 303 ही हैं। 75 कम हैं। केरलम में 231 की जगह 157 ही हैं, 74 कम हैं।
