By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: रमज़ान: एक आत्मिक यात्रा का महीना
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
WhatsApp Image 2025 03 01 at 4.19.23 PM - The Fourth
Religion

रमज़ान: एक आत्मिक यात्रा का महीना

रमज़ान में रोज़े के दौरान खाने-पीने की पाबंदियां होती हैं

Last updated: मार्च 1, 2025 4:26 अपराह्न
By Saloni 1 वर्ष पहले
Share
6 Min Read
SHARE

रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे सबसे पवित्र माना जाता है। इसी महीने में पैगंबर मुहम्मद को कुरान शरीफ का पहला संदेश मिला था। इस दौरान मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं, रोज़ा रखते हैं, गरीबों की मदद करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। यह महीना संयम, भलाई और आत्मशुद्धि का होता है, जिसमें इंसान अपनी आत्मा को मजबूत करता है और बुरी आदतों से दूर रहने की कोशिश करता है।

रमज़ान क्यों मनाया जाता है?

रमज़ान का उद्देश्य सिर्फ उपवास रखना नहीं है, बल्कि यह खुद को आध्यात्मिक रूप से मजबूत करने का एक अवसर होता है। यह महीना धैर्य, ईमानदारी और खुदा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। रोज़े के माध्यम से व्यक्ति अपने अंदर की इच्छाओं को नियंत्रित करना सीखता है और भूख-प्यास सहकर उन जरूरतमंदों के दर्द को महसूस करता है जो हर दिन इसी हालात से गुजरते हैं।

रोज़ा क्यों रखा जाता है?

रोज़ा (उपवास) इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। रोज़े में लोग सहरी (सुबह सूरज निकलने से पहले खाना) और इफ्तार (शाम को सूरज डूबने के बाद खाना) करते हैं। रोज़े का उद्देश्य सिर्फ खाने-पीने से दूर रहना नहीं है, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शुद्धि का तरीका है। रोज़ा इंसान को धैर्य रखना, क्रोध पर नियंत्रण पाना और अपने कर्मों पर ध्यान देना सिखाता है।

रोज़े में कौन से ख़ान पान पर अनुमति है और कौन से की अनुमति नहीं है?

रमज़ान में रोज़े के दौरान खाने-पीने की पाबंदियां होती हैं, लेकिन सहरी और इफ्तार के वक्त सही खानपान से ऊर्जा बनाए रखी जा सकती है। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ ख़ान पान की रोज़े में अनुमत होते हैं, जबकि कुछ चीजों से परहेज करना जरूरी होता है।

रोज़े में कौन से ख़ान पान पर अनुमति है?

1. खजूर (Dates) – पैगंबर मुहम्मद ने खजूर से रोज़ा खोलने की सलाह दी थी। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और फाइबर से भरपूर होता है।
2. पानी और प्राकृतिक जूस – हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है। इसलिए सहरी और इफ्तार के वक्त पर्याप्त पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का जूस लेना फायदेमंद होता है।
3. हेल्दी प्रोटीन – रोज़े में ताकत बनाए रखने के लिए प्रोटीनयुक्त ख़ान पान जैसे अंडे, दही, दालें, चिकन और मछली का सेवन किया जा सकता है।
4. साबुत अनाज (Whole Grains) – ओट्स, ब्राउन राइस, गेहूं की रोटी और बाजरा जैसी चीजें शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देती हैं।
5. फल और सब्जियां – पपीता, केला, सेब, खीरा, टमाटर, गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर और पानी से भरपूर होती हैं, जिससे पाचन सही रहता है और भूख जल्दी नहीं लगती।
6. सूप और दालें – हल्का और पौष्टिक भोजन जैसे वेजिटेबल सूप और दालें पाचन के लिए अच्छे होते हैं और शरीर को जरूरी पोषण देते हैं।
7. ड्राई फ्रूट्स और नट्स – बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश जैसे मेवे एनर्जी बढ़ाने के लिए बहुत अच्छे होते हैं।

कौन से ख़ान पान पर अनुमति नहीं है ?

1. तला-भुना खाना – समोसे, पकौड़े, फ्रेंच फ्राइज़, पराठे और ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने से पेट भारी हो सकता है और गैस की समस्या हो सकती है।
2. अत्यधिक मीठा – बहुत ज्यादा मिठाई, केक या शक्कर से बनी चीजें शरीर में अचानक ऊर्जा बढ़ा देती हैं लेकिन जल्दी ही सुस्ती भी ला सकती हैं।
3. कैफीनयुक्त चीजें – ज्यादा चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक्स लेने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
4. ज्यादा मसालेदार खाना – बहुत ज्यादा मसालेदार खाने से पेट में जलन हो सकती है और एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है।
5. ज्यादा नमक वाला खाना – चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड फूड में ज्यादा नमक होता है, जिससे प्यास ज्यादा लगती है और शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है।
6. फास्ट फूड और जंक फूड – बर्गर, पिज्जा, नूडल्स जैसे खाने से बचना चाहिए क्योंकि ये पेट को भारी कर सकते हैं और पाचन पर असर डाल सकते हैं।
7. कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड जूस – इनमें बहुत ज्यादा शुगर होती है, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है और वजन बढ़ा सकती है।

रमज़ान का समापन: ईद-उल-फितर

रमज़ान का अंत ईद-उल-फितर से होता है, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है। जब रमज़ान खत्म होता है और नया चाँद दिखाई देता है, तब मुसलमान ईद मनाते हैं। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, मस्जिद में नमाज़ पढ़ते हैं, सेवइयां खाते हैं और एक-दूसरे को ईद मुबारक कहते हैं। ईद के दिन सदक़ा-ए-फितर देना जरूरी होता है, जिससे गरीब लोग भी ईद की खुशी में शामिल हो सकें।

रमज़ान सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि संयम, आत्मशुद्धि और सेवा का महीना है। इस दौरान लोग अपने आत्म-नियंत्रण को मजबूत करते हैं, भलाई के काम करते हैं और खुदा की इबादत में समय बिताते हैं। रोज़ा इंसान को धैर्य, सहानुभूति और आत्म-अनुशासन सिखाता है। इस पवित्र महीने का उद्देश्य सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनना और दूसरों की तकलीफों को समझना है।

You Might Also Like

Brown में दिखा करिश्मा कपूर का सबसे अलग अवतार

World Environment Day 2026 क्यों पूरी दुनिया के लिए अहम है

Indore में मासूम की माैत, परिवार ने गलत इलाज का आरोप लगाया

Indore में पानी चारी रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा रहे

मध्यप्रदेश में मंदिरों के लिए ‘Temple-Bond’

TAGGED: Eid, fasting, fasting guidelines, islamic month, muslim festival, Ramadan, ramadan diet, spiritual journey, thefourth, thefourthindia
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

d1324cf1 9cdb 4cf8 8b1e a059d054b550 - The Fourth
World

मलेशिया में 2 रॉयल मलेशियाई नौसेना के विमान हुए क्रैश, 10 क्रू मेंबर्स की मौत !

2 वर्ष पहले

उत्तराखंड में फिर खिला Valley of Flowers का सौंदर्य

MP में विधानसभा सत्र… कई विधायक शादी में!

ISIS मॉड्यूल के खिलाफ NIA छापेमारी, कट्टरपंथी जिहादी आतंकवादी समूह का भंडाफोड़

जबलपुर कलेक्टर को किया सस्पेंड, अब तक 7 जिले के कलेक्टर बदले

You Might Also Like

uttarakhand-me-fir-khila-valley-of-flowers-ka-saundarya
Fourth Special

उत्तराखंड में फिर खिला Valley of Flowers का सौंदर्य

2 दिन पहले
IIT-baba-adikarta-narayan-shoshan-ke-case-me-giraftar
National

IIT बाबा आदिकर्ता नारायण शोषण केस में गिरफ्तार

2 दिन पहले
IMG 20260601 WA0004 - The Fourth
India

केदारनाथ मंदिर के दान के पैसों से VIP की खातिरदारी, हंगामा

4 दिन पहले
Harmanpreet-kaur-ne-kaise-tay-kiya-Padma-Shri-tak-ka-safar
National

हरमनप्रीत कौर ने कैसे तय किया Padma Shri तक का सफर

1 सप्ताह पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?