Indore में दो साल की मासूम काशवी यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में उसके माता-पिता निशा और नितिन यादव गहरे सदमे में हैं। गुरुवार को भंवरकुआ पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने आरोप लगाया है कि निजी क्लिनिक में गलत इलाज के कारण उनकी बेटी की मौत हुई। माता-पिता ने पुलिस को बताया कि वे सबसे पहले बच्ची को भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित ‘द हेल्थ केयर क्लिनिक’ लेकर गए थे। वहां डॉ. अनिल घई ने बच्ची को ड्रिप लगाई। परिजनों के मुताबिक चार ड्रिप खत्म होने के बाद जब दूसरी डोज की ड्रिप लगाई गई तो बच्ची की धड़कनें तेज हो गईं। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें घर ले जाने की सलाह देते हुए कहा कि बच्ची ठीक हो जाएगी। बता दें कि काशवी को 27 मई को मामूली उल्टी-दस्त हुए थे। परिजन उसे ‘द हेल्थ केयर क्लिनिक’ ले गए। 28 मई को काशवी की मौत हो गई थी।
रात में ही हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ गए थेपरिवार का आरोप है कि रात में ही बच्ची के हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ने लगे। हालत बिगड़ने पर अगले दिन उसे सरकारी चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि क्लिनिक में हुई लापरवाही और गलत इलाज ने उनकी बेटी की जान ले ली।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने इलाज से जुड़े दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और क्लिनिक के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
