इंदौर के जवाहर मार्ग पर पटेल ब्रिज पर अनियंत्रित हुए इंदौर नगर निगम के टैंकर के कारण कई लोगों की जान पर बन आई थी। इस टैंकर के फुटपाथ पर चढ़ जाने और रेलिंग को तोड़ देने के कारण उसके नीचे बनी दुकानों का बड़ा नुकसान हो गया। इस नुकसान का अफसोस करने के बजाय अपनी जान बच जाने की खैरियत जताते हुए दुकानदारों ने कल शाम को ही मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया।
नगर निगम का 13000 लीटर पानी का टैंकर असंतुलित होकर पटेल ब्रिज के सियागंज की तरफ उतार वाले हिस्से में दौड़ने लगा था। इस टैंकर ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी और फिर टैंकर चालक ने टैंकर को फुटपाथ से टकरा दिया। फुटपाथ को क्षतिग्रस्त करते हुए टैंकर फुटपाथ पर चढ़ गया और फिर किनारे पर लगी रेलिंग को भी तोड़ दिया। इतना होने के बाद यह टैंकर रुक गया था और टैंकर चालक वहां से भाग गया था। अब सभी इस बात का शुक्र मना रहे हैं कि टैंकर चालक में समझदारी के साथ टैंकर को रोक लिया वरना यह घटना एक बड़े हादसे के रूप में परिवर्तित हो जाती। अनियंत्रित होकर यह टैंकर जिस तरफ भी दौड़ता वहां बड़ी संख्या में लोगों की जान खतरे में पड़ जाती।
टैंकर के फुटपाथ पर चढ़ जाने और फिर पुल की रेलिंग को तोड़ देने के कारण पल के नीचे की तरफ बनी दुकानों में बड़ा नुकसान हो गया। इन दुकानों के बोर्ड निकल कर गिर गए दरवाजे, शटर क्षतिग्रस्त हो गए। इन दुकानदारों को उनका जो नुकसान हुआ उसे लेकर कोई ज्यादा शिकायत नहीं थी। उन्हें तो इस बात का संतोष था कि यह टैंकर रेलिंग तोड़ने के बाद यदि नीचे दुकानों की तरफ गिर जाता तो बड़ा हादसा होता। उनकी दुकान का और जान माल का भी बहुत नुकसान होता।
ऐसी स्थिति में दुकानदारों के द्वारा कल शाम को ही मजदूर, गैस कटर और वेल्डिंग से काम करने वाले लोगों को बुलवाकर अपनी दुकान में हुए नुकसान को सही करवाने का काम शुरू कर दिया गया।
पूजा कर रहे थे तो बच गए
नीचे बनी दुकान के संचालक ने बताया कि जिस समय यह टैंकर हादसा हुआ उस समय वे दुकान के अंदर बालाजी की पूजा कर रहे थे। यदि वह पूजा नहीं कर रहे होते तो हमेशा की तरह अपनी दुकान के बाहर की तरफ खड़े होते और उनके ऊपर रेलिंग के साथ गिरा हुआ मलबा गिर जाता जिससे कि उनकी जान पर बनकर आ सकती थी।
