By using this site, you agree to the Privacy Policy
Accept
June 5, 2026
The Fourth
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Reading: चुनावी मौसम में बढ़ी “कड़कनाथ” की मांग !
Font ResizerAa
The FourthThe Fourth
Search
  • World
  • India
  • Politics
  • Sports
  • Business
  • Tech
  • Fourth Special
  • Lifestyle
  • Health
  • More
    • Travel
    • Education
    • Science
    • Religion
    • Books
    • Entertainment
    • Food
    • Music
Follow US
WhatsApp Image 2023 08 12 at 14.29.21 1 - The Fourth
Politics

चुनावी मौसम में बढ़ी “कड़कनाथ” की मांग !

इसकी कीमतें भी सामान्य से काफी अधिक होती जा रही हैं।

Last updated: नवम्बर 6, 2023 2:41 अपराह्न
By Parikshit 3 वर्ष पहले
Share
4 Min Read
SHARE

भोपाल। मध्य प्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर का मशहूर कड़कनाथ मुर्गा चुनावी सीजन में भारी डिमांड में है। इसकी कीमतें भी सामान्य से काफी अधिक होती जा रही हैं। क्षेत्रीय भाषा में ‘कालामासी’ नाम से प्रसिद्ध इस जीआई टैग प्राप्त चिकन की कीमत यूं तो 700-800 रुपए के बीच होती है लेकिन चुनाव या विशेष अवसरों पर इनका मिलना ही दुर्लभ हो जाता है मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले एक बार फिर यही हुआ है। हाय न्यूट्रीशनल वैल्यू, लो फैट, हाई प्रोटीन, विटामिन, आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर कड़कनाथ के दाम बढ़ना शुरू हो गए हैं।

यूनिक टेस्ट लिए मशहूर

कड़कनाथ अपने यूनिक टेस्ट और न्यूट्रिशियंस के लिए भी मशहूर है। इस बार विधानसभा चुनावों की वजह से कड़कनाथ ऊंची कीमत पर भी कुर्बान होने की तैयारी में है। चौंकाने वाली बात ये है कि स्थानीय आदिवासी समाज की पहली पसंद कड़कनाथ नहीं है। वह देसी मुर्गे का ही सेवन करते हैं और दीपावली पर हर घर में मुर्गा बनाया जाता है।

चुनावी सीजन में तांता

हालांकि नॉनवेज पसंद करने वाले बाहरी व्यक्ति कड़कनाथ की चाहत के लिए झाबुआ या अलीराजपुर क्षेत्र में आते हैं। यह चुनावी सीजन है और क्षेत्र में प्रचार के लिए बाहरी नेता और उनके समर्थकों का तांता लगा हुआ है। चुनाव प्रचार के साथ-साथ उनकी प्राथमिकता में कड़कनाथ का सेवन भी होता है। हालांकि, उनका कहना है कि 10 नवम्बर के बाद कड़कनाथ की बिक्री और उनकी कीमतों पर तेजी से असर पड़ेगा। कड़कनाथ की उत्पत्ति झाबुआ जिले कट्ठीवाड़ा व अलीराजपुर क्षेत्र के जंगलों में हुई है। इसे काला मासी इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि इसका मांस, चोंच, कलगी, जुबान, टांगे, नाखून और चमड़ी आदि काली होती है। ऐसा मेलेनिन पिगमेंट की अधिकता के कारण होता है। इसकी जेट ब्लैक, पेन्सिलड और गोल्डन प्रजाति होती है।

क्या बोले जानकार

कृषि विज्ञान केंद्र झाबुआ के जगदीश मौर्य बताते हैं कि कड़कनाथ की बुकिंग की संख्या बढ़ी है। उनके केंद्र से प्रतिदिन दो से तीन कड़कनाथ बिकते थे, जो अब 8 से 10 हो गए हैं। इसके अलावा करीब डेढ़ दर्जन स्व सहायता समूह भी कड़कनाथ का उत्पादन कर रहे हैं। वे भी प्रतिदिन फिलहाल करीब 80 मुर्गे बेच रहे हैं। उन्होंने कहा हमारे यहां तो कीमतें निश्चित हैं, लेकिन स्व सहायता समूह इसमें मौके के हिसाब से उतार-चढ़ाव कर लेते हैं। इसके अलावा जगह-जगह आउटलेट भी खुल चुके हैं। उन्होंने बताया कि सावन मास के बाद यूं भी इसकी डिमांड बढ़ने लगती है। जैसे-जैसे ठंड का असर तेज होता है इनकी बिक्री और भी बढ़ जाती है। इस बार चुनाव है, तो निश्चित ही बाहर से आने वाले लोगों की भी पहली चाहत कड़कनाथ ही होगी। उन्होंने बताया कि गुजरात की एक पार्टी करीब 4 महीने पूर्व केंद्र से करीब 4000 चूजे ले जा चुकी है। अभी भी करीब 500 कड़कनाथ उनके केंद्र पर बिक्री के लिये उपलब्ध हैं।

You Might Also Like

Indore में बढ़ता आवारा कुत्तों का आतंक

Indore युवक को कान खुजलाना पड़ा भारी

भोपाल-इंदौर Metro में अब प्री-वेडिंग शूट और इवेंट्स की अनुमति

दमोह में PM Narendra Modi का दौरा 517 एकड़ की स्वावलंबी गोशाला पर फोकस

Kailash Mansarovar यात्रा के रास्ते पर नेपाल की आपत्ति, लिपुलेख पास बना कूटनीतिक मुद्दा

TAGGED: bhopal, Kadaknath, madhya pradesh, MP chunav, vidhan sabha chunav
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0

Follow US

Find US on Social Medias

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading

Popular News

bhaidooj sixteen nine - The Fourth
Religion

क्यों मनाया जाता है भाई दूज, जानिए इसका महत्व

3 वर्ष पहले

राजस्थान की डिप्टी CM दिया कुमारी ने राजस्थान की जनता को दी बड़ी सौगाते !

रूस में डूबे चारों भारतीय छात्रों के शव हुए बरामद

माधुरी दीक्षित और उज्जवल निकम को लड़ाएगी भाजपा

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुई भारतीय छात्र की हत्या !

You Might Also Like

Madhya-Pradesh-me-atithi-shikshak-bharti-2-may-se-shuru-puri-prakriya-hogi-online
Education

Madhya Pradesh में अतिथि शिक्षक भर्ती 2 मई से शुरू, पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

1 महीना पहले
IMG 20260430 WA0011 - The Fourth
Cities

Tiger की बढती आबादी से मध्यप्रदेश में मुसीबत

1 महीना पहले
IMG 20260430 WA0010 - The Fourth
Cities

Indore का जल रथ बेकार… न फोन लगता है.. न एप चल रही!

1 महीना पहले
cm-mohan-yadav-ne-kanha-mein-jangli-bhainse-chhodi
Cities

कान्हा में CM Mohan Yadav ने जंगली भैंसों का वन में पुनर्वास किया

1 महीना पहले
The Fourth
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • Lifestyle
  • Science
  • Sports

Subscribe to our newsletter

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
Loading
© The Fourth 2024. All Rights Reserved. By PixelDot Studios
  • About Us
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Careers
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?