भोपाल। Madhya Pradesh की दो बेटियों का नाम हांकी की दुनिया में चमक रहा है। सिवनी की नौशीन नाज ने जो नाम कमाया है, वही नम्मी गीताश्री (12) ने भी कमा लिया है। आंध्रप्रदेश में पैदा हुई… परिवार सहित भोपाल आ गई। पिता के साथ चाय की गुमटी पर काम करती है… स्कूल भी जाती है। अब उन संभावितों में नाम है, जो टीम इंडिया में शामिल हो सकते हैं।
जापान में अंडर-18 एशिया कप
अगले माह जापान में अंडर-18 एशिया कप होना है। नम्मी का सिलेक्शन पक्का माना जा रहा है। कोच रामबाबू बताते हैं कि वो मैदान किनारे बैठ कर देखा करती थी। एक रोज बाहर गई गेंद को डंडे से मार कर अंदर भेजा। वो शॉट इतना कडक़ था कि मैंने उसे खेलने के लिए कहा। उसे हॉकी के बारे में कुछ पता नहीं था। साल भर में उसने कमाल कर दिखाया है।
दस किलोमीटर का सफर
मैदान तक पहुंचने के लिए उसे दस किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। वह टीम की संजीदा खिलाड़ियों में से है। न प्रैक्टिस छोड़ती है, न नियम-कायदा टूटने देती है। 24 संभावितों में नाम आया है। म.प्र. हॉकी अकादमी की कोच वंदना, नम्मी को छोटा पॉकेट, बड़ा धमाका बताती हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग भी तारीफ कर चुके हैं। मदद का वादा किया है। उस इलाके के हालात भी सुधर रहे हैं, जहां नम्मी रहती है।
