इंदौर मानव अधिकार आयोग ने इंदौर के कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में रात में बोरिंग करने पर प्रतिबंध लगाने को लेकर जवाब मांगा गया है।
पूर्व पार्षद संजय कटारिया द्वारा शहरी क्षेत्र में रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक बोरिंग करने पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग उठाई गई थी। इस संबंध में श्री कटारिया कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में भी पहुंचे थे। पूर्व पार्षद ने इस मांग को लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग में भी अपील की थी। जिसमें कहा गया था कि ध्वनि प्रदूषण अधिनियम (विनयमन एवं नियंत्रण )2000 के तहत रात्रि 10:00 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक का समय लोगों के विश्राम और सोने का का होता है। इस समय में किसी भी तरह का ध्वनि प्रदूषण नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी समय-समय पर इस संबंध में गाइड लाइन जारी की गई हैं। इसके बावजूद भी रात्रि के समय बोरिंग होने से 1 किलोमीटर तक मरीज, वृद्ध जन, छात्र छात्राएं, नौकरी पेशा और आम लोग सो नहीं पाते हैं ।बोरिंग मशीन से होने वाले अत्याधिक ध्वनि प्रदूषण के कारण लोग काफी परेशान हो जाते हैं। मामले में मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ अवधेश प्रताप सिंह ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण क्रमांक 4963/indore/2026 पंजीबद्ध करते हुए कलेक्टर इंदौर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 27 अगस्त 2026 तक मामले में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
